पोषण अभियान (Poshan Abhiyaan) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है,
जिसका उद्देश्य बच्चों (0–6 वर्ष), किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और
स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है।
इस अभियान का लक्ष्य कुपोषण, बौनापन, एनीमिया और कम जन्म वजन जैसी
समस्याओं को कम करना है, ताकि स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण हो सके।
इसके लिए तकनीक, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार को एक साथ जोड़ा गया है।
मुख्य उद्देश्य
- बच्चों (0–6 वर्ष), किशोरियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण में सुधार करना।
- कुपोषण, बौनापन, एनीमिया और कम वजन की समस्या को कम करना।
- पोषण जागरूकता फैलाना और ‘जन आंदोलन’ के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना।
लाभार्थी
- 0–6 साल के बच्चे
- किशोर लड़कियाँ (Adolescent Girls)
- गर्भवती महिलाएँ (Pregnant Women)
- स्तनपान कराने वाली माताएँ (Lactating Mothers)
यह कैसे काम करता है?
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टेक्नोलॉजी का उपयोग:
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन दिए जाते हैं, जिन पर
‘पोषण ट्रैकर’ ऐप के माध्यम से लाभार्थियों की
जानकारी दर्ज की जाती है।
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रणनीतिक बदलाव:
पोषण सामग्री और सेवाओं की डिलीवरी के तरीकों में सुधार किया गया है।
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एकीकरण (Convergence):
स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य संबंधित सेवाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
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सामुदायिक भागीदारी:
‘जन आंदोलन’ के तहत जागरूकता अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
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E-Learning:
पोषण ज्ञान बढ़ाने के लिए ICMR-NIN द्वारा ऑनलाइन मॉड्यूल उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्य उपकरण
पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker):
यह एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसके माध्यम से महिलाओं और बच्चों के
पोषण स्तर की निगरानी की जाती है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य
को अधिक प्रभावी बनाया जाता है।